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Saheli Smart Card: दिल्ली सरकार जल्द ही महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए एक नई योजना शुरू करने जा रही है, जिसका नाम है ‘सहेली स्मार्ट कार्ड’. इस कार्ड के जरिए 12 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं और ट्रांसजेंडर लोग दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे. यह योजना 15 अगस्त को यानी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लागू किए जाने की संभावना है.
यह नई पहल ‘पिंक टिकट’ स्कीम की जगह लेगी, जिसे 2019 में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने शुरू किया था. उस योजना के तहत दिल्ली की निवासी महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई थी और बस ऑपरेटरों को उनके अनुसार मुआवजा दिया जाता था. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2023 तक लगभग 100 करोड़ पिंक टिकट जारी किए जा चुके थे, और नवंबर 2024 तक यह संख्या 150 करोड़ को पार कर गई थी.
2022 में हर महीने यात्रा करने वाले कुल यात्रियों में से करीब 32% महिलाएं
एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में हर महीने यात्रा करने वाले कुल यात्रियों में से करीब 32% महिलाएं थीं, जो मुफ्त यात्रा योजना का लाभ ले रही थीं. कोविड-19 महामारी के कारण 2020-21 में दिल्ली की बसों की सवारियों की संख्या घटकर 71 करोड़ रह गई थी, जो पहले 2019-20 में 160 करोड़ थी. हालांकि, स्थिति में सुधार हुआ और 2021-22 में यह आंकड़ा बढ़कर 93 करोड़ तक पहुंचा. अप्रैल 2022 से अब तक यह संख्या लगभग 125 करोड़ तक पहुंच गई है, जो महामारी से पहले के स्तर का लगभग 75% है.
हालांकि, इस योजना को लेकर राजनीतिक बहस भी छिड़ गई है. 29 मार्च को भाजपा सरकार ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की स्थिति को बिगाड़ दिया है. भाजपा के अनुसार, डीटीसी को ₹70,471 करोड़ का नुकसान हुआ, जिसमें ₹14,198 करोड़ का संचालन घाटा शामिल है. इसके अलावा, केवल 814 में से 468 रूट्स पर ही बसें चलाई जा रही थीं, जबकि केंद्र सरकार से मिले ₹233 करोड़ का फंड भी खर्च नहीं किया गया.
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में कहा कि AAP सरकार के समय में बसेें 4344 से घटकर 3937 हो गईं. उन्होंने Comptroller and Auditor General (CAG) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी लापरवाही के कारण दिल्ली के करदाताओं का पैसा बर्बाद हुआ है. यह मामला अब सरकार की समिति को भेजा गया है, जिसे तीन महीनों में रिपोर्ट सौंपनी होगी.