भारतजीपीटी, फोटो - सोशल मीडिया
BharatGPT Mini Launch: भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. देश की अग्रणी कन्वर्सेशनल एआई कंपनी CoRover ने अपनी नई तकनीक ‘BharatGPT Mini’ को पेरिस में आयोजित यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट VivaTech 2025 में लॉन्च किया और तुरंत ही फ्रांस की एक बिजनेस स्कूल के साथ व्यावसायिक साझेदारी भी कर ली.
पेरिस की ‘École des Ponts Business School’ ने CoRover के साथ समझौता किया है, जिसके तहत यह एआई तकनीक स्कूल में स्टूडेंट सर्विसेज जैसे रिज्यूमे रिव्यू, प्रोग्राम चयन और एडमिशन गाइडेंस में मदद करेगी. यह किसी भारतीय एआई तकनीक की पहली यूरोपीय वाणिज्यिक स्वीकृति है.
BharatGPT Mini की खासियतें
यह हल्का एआई मॉडल 14 भारतीय भाषाओं समेत कई अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है. यह वॉयस, टेक्स्ट और वीडियो इनपुट को स्वीकार करता है और सबसे अहम बात यह है कि यह एआई मॉडल इंटरनेट के बिना भी काम करता है. इसका प्राइवेसी-फर्स्ट डिजाइन सुनिश्चित करता है कि यूजर्स का डेटा उनके डिवाइस पर ही सुरक्षित रहे, किसी बाहरी सर्वर पर नहीं जाए.
CoRover ने कहा, “आज के समय में जब क्लाउड खर्च बढ़ रहा है और डेटा की प्राइवेसी को लेकर चिंता भी है, BharatGPT Mini एक किफायती और सुरक्षित विकल्प बनकर उभरा है.”
अन्य बड़े एआई मॉडल्स के विपरीत, BharatGPT Mini को ज्यादा कंप्यूटिंग पावर या निरंतर इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं होती. यह ऑफलाइन और ऑन-डिवाइस काम करता है, जो इसे खास बनाता है.
इस सफलता के पीछे भारत सरकार की वह नीति है, जिसके तहत भारत को केवल विदेशी तकनीकों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि एक वैश्विक एआई इनोवेटर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है. CoRover को Station F-HEC International LaunchPad कार्यक्रम में चुना गया था, जिसमें भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय और पेरिस स्थित भारतीय दूतावास का समर्थन प्राप्त था.
CoRover के फाउंडर और सीईओ अंकुश सबरवाल ने कहा, “यह साझेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की साझा डिजिटल विजन का प्रतीक है. यह दिखाता है कि भारत और फ्रांस मिलकर जिम्मेदार एआई के भविष्य को दिशा दे सकते हैं.”
केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने पेरिस में लॉन्च समारोह में तकनीक का अनावरण करते हुए कहा, “यह एआई मॉडल बिना इंटरनेट के भी काम करता है और 14 भारतीय भाषाओं में सक्षम है. इससे हेल्थ, बैंकिंग और गवर्नेंस सेवाओं तक लोगों की पहुंच उनके अपने भाषा में सरल हो जाएगी.”
इस मौके पर भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी अभिषेक सिंह (एडिशनल सेक्रेटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय और IndiaAI के सीईओ) और फ्रांस में भारत के राजदूत संजय सिंगला भी मौजूद थे.
École des Ponts की मार्केटिंग और एडमिशन निदेशक हीना वाधवा ने कहा, “CoRover की यह तकनीक हमारे स्टूडेंट एंगेजमेंट के तरीके को पूरी तरह बदल देगी. यह साझेदारी भारत-फ्रांस एआई सहयोग का एक मजबूत उदाहरण है.”
CoRover का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में एंटरप्राइज इंटरेस्ट में 60-70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 2026 तक छोटे व्यवसायों में इसका इस्तेमाल पांच गुना बढ़ने की संभावना है.
Do you want to stay hidden while using Instagram? Here are the Tips
इनकी नो-कोड/लो-कोड प्लेटफॉर्म CoRoverBuilder के जरिए अब कोई भी व्यक्ति या संगठन तकनीकी ज्ञान के बिना खुद का एआई ऐप बना सकता है.