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PM Dhan Dhanya Krishi Yojana: दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र, रामकृष्ण मिशन आश्रम, मोराबादी, रांची में आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीएम धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भर मिशन के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित प्रसारण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर देशभर में कृषि अवसंरचना कोष, पशुपालन, मत्स्यपालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की 1,100 से अधिक परियोजनाओं का 42,000 करोड़ रुपए की लागत से उद्घाटन और शिलान्यास किया गया.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ उपस्थित रहे, जबकि विशेष अतिथि के रूप में विकास कुमार, निदेशक समिति, झारखंड शामिल हुए. कार्यक्रम की अध्यक्षता आश्रम के सचिव स्वामी भवेशानंद जी महाराज ने की तथा दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान डॉ. अजीत कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया.
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई. इसके पश्चात अतिथियों का पारंपरिक रूप से अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक अवसर पर आईएआरआई, पूसा, नई दिल्ली से पूरे देश में योजनाओं का शुभारंभ किया. यह कार्यक्रम लोकनायक जयप्रकाश नारायण और नाना देशमुख की जयंती के अवसर पर समर्पित रहा.
24,000 करोड़ रुपए की राशि देश के 100 निम्न प्रदर्शन करने वाले जिलों के लिए निर्धारित
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत 24,000 करोड़ रुपए की राशि देश के 100 निम्न प्रदर्शन करने वाले जिलों (जिसमें झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा शामिल हैं) के कृषि विकास के लिए निर्धारित की गई है. इस योजना का उद्देश्य स्थानीय प्रशासन और किसानों की सहभागिता से इन जिलों की खेती की तस्वीर बदलना है.
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत अब खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है. पिछले दस वर्षों में देश में अनाज उत्पादन में 900 लाख टन, फल और सब्जी उत्पादन में 640 लाख टन की वृद्धि हुई है. आज भारत दूध उत्पादन में प्रथम और मछली उत्पादन में द्वितीय स्थान पर है.
राष्ट्रीय दलहन मिशन 2025 के तहत अगले छह वर्षों के लिए 11,440 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है, जिसका लक्ष्य 350 लाख टन दलहन उत्पादन और 1,130 किलो प्रति हेक्टेयर उत्पादकता हासिल करना है.
किसानों के घर में कृषि से खुशहाली आए: संजय सेठ
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों के घरों में खुशहाली लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं. उन्होंने बताया कि जीएसटी में सुधार से किसानों के ट्रैक्टर की कीमतों में 45,000 रुपए से 65,000 रुपए तक की कमी आई है. साथ ही उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आह्वान किया और बताया कि रविवार को स्वदेशी मैराथन दौड़ आयोजित की जाएगी, जिसमें 20,000 लोग हिस्सा लेंगे.
स्वामी भवेशानंद जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि जब तक किसान समृद्ध रहेंगे, देश समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा. उन्होंने किसानों को समय पर बीज, खाद और दवाइयां उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया.
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कार्यक्रम में अनगड़ा, लापुंग, बड़ो और बुडमू प्रखंडों के 17 गांवों से कुल 522 किसान (283 पुरुष और 237 महिलाएं) शामिल हुए. प्रत्येक किसान को नींबू का पौधा भेंट किया गया तथा 110 एकड़ में सीएफएलडी सरसों के बीज, बीज उपचार दवा, कीटनाशक एवं फफूंदी नाशक, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का वितरण किया गया.
स्वागत भाषण डॉ अजीत कुमार सिंह ने दिया और मंच संचालन डॉ रबिन्द्र कुमार सिंह ने किया. इस अवसर पर डॉ मनोज कुमार सिंह, डॉ राजेश कुमार, डॉ भरत महतो, डॉ नेहा राजन, डॉ विशाखा सिंह, ओपी शर्मा, प्रफुल्ल कुमार (सीओ), प्रक्षेत्र सहायक अनूप पाल और कई प्रशिक्षु उपस्थित रहे.
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