Dr BR Ambedkar: महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी द्वारा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती के उपलक्ष्य में 14-15 अप्रैल 2025 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है.
“डॉ. बी.आर. अंबेडकर: संविधान-निर्माता और सामाजिक न्याय के अग्रदूत” विषयक यह संगोष्ठी विश्वविद्यालय के बुद्ध परिसर, बनकट स्थित आचार्य वृहस्पति सभागार में आयोजित की जाएगी.
इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन समारोह 14 अप्रैल को प्रातः 10 बजे कुलपति प्रोफेसर संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में होगा. समारोह के मुख्य अतिथि होंगे बोधगया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एसपी शाही, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्रोफेसर पंकज कुमार शामिल होंगे.
इसके अलावा विशिष्ट वक्ता के रूप में सीएसडीएस, नई दिल्ली के प्रोफेसर संजय कुमार तथा भारत सरकार के पूर्व सचिव प्रोफेसर टीआर केम संगोष्ठी को संबोधित करेंगे।संगोष्ठी के संयोजक एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो सुनील महावर ने जानकारी दी कि इस संगोष्ठी को लेकर देशभर के विद्वानों में खासा उत्साह है.
अब तक विश्वविद्यालय को लगभग 260 शोधपत्र प्राप्त हुए हैं. यह संगोष्ठी न केवल अंबेडकर विचारधारा और सामाजिक न्याय के विमर्श को नए सिरे से समझने का अवसर देगी, बल्कि देश के कोने-कोने से आए विद्वानों के बीच संवाद का मंच भी बनेगी.
संगोष्ठी में हिस्सा लेने वाले प्रमुख विद्वानों में प्रो बलवान गौतम (केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश), प्रो जनक सिंह मीणा (केंद्रीय विश्वविद्यालय गुजरात), प्रो मधुरेंद्र कुमार (इलाहाबाद विश्वविद्यालय), प्रो संजय कुमार (जयप्रकाश विश्वविद्यालय, बिहार), डॉ अभिषेक कर्माकर (गालसी महाविद्यालय, पश्चिम बंगाल), डॉ भूपेंद्र प्रताप सिंह एवं डॉ. देवेंद्र कुमार (चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ), डॉ स्मृति सुमन, डॉ विजय शंकर विक्रम समेत अनेक नामचीन शिक्षाविद शामिल होंगे.
इस संगोष्ठी के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रतिभागी अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे, जिससे सामाजिक न्याय और संविधान निर्माण जैसे ज्वलंत विषयों पर बहुआयामी विमर्श संभव हो सकेगा.
संगोष्ठी का समापन 15 अप्रैल को अपराह्न 3 बजे होगा. समापन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो संजय श्रीवास्तव करेंगे. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो लक्ष्मी निवास पांडेय मौजूद रहेंगे.
विशिष्ट अतिथि के तौर पर सामाजिक चिंतक लक्ष्मी नारायण भला (नई दिल्ली) उपस्थित होंगे. मुख्य वक्ता होंगे प्रो मधुरेंद्र कुमार (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) जबकि अतिथि वक्ताओं में प्रो निशिकांत कोलगे (मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी, हैदराबाद), प्रो मनीष (केंद्रीय विश्वविद्यालय गुजरात) एवं प्रो मधु सिंह (बी.आर.ए.बी. विश्वविद्यालय, बिहार) जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं.
इस आयोजन को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के कई प्राध्यापक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिनमें प्रो प्रसून दत्त सिंह, प्रो रंजीत चौधरी, प्रो राजेंद्र बड़गूजर, डॉ सपना सुगंधा, डॉ नरेंद्र आर्य, डॉ जुगल किशोर दधीचि, डॉ नरेंद्र सिंह, डॉ आशा मीणा, डॉ उपमेश कुमार, डॉ अनुपम कुमार वर्मा, डॉ. अंबिकेश त्रिपाठी, डॉ. मुस्कान भारती, डॉ अरुण कुमार और डॉ अल्पिका त्रिपाठी प्रमुख हैं.
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यह संगोष्ठी न केवल डॉ अंबेडकर के योगदान को स्मरण करने का माध्यम बनेगी, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में वर्तमान परिप्रेक्ष्य में आगे की राह भी प्रशस्त करेगी.