MGCU Organises One Day Workshop: एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन महात्मा गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के तत्त्वावधान में सम्पन्न हुआ.
कुलपति प्रो संजय श्रीवास्तव के मुख्य संरक्षण तथा अधिष्ठाता, मानविकी एवं भाषा सङ्काय, प्रो प्रसून दत्त सिहं के संरक्षण में महात्मा गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुआ.
मुख्य वक्ता पूर्व पुलिस महानिर्देशक, महाराष्ट्र, डॉ भूषण कुमार उपाध्याय ने अपने वक्तव्य में तनाव मुक्ति और भावनिक प्रज्ञा विषयक व्याख्यान प्रदान किया. डॉ उपाध्याय ने भारत के आबालवृद्धवनिता के तनाव मुक्ति एवं आत्म प्रबन्धन की व्यावहारिक व्याख्या प्रस्तुत की.
मुख्य वक्ता ने आगे बताया कि विश्व भर में व्यप्त तनाव व्यक्तिगत तनाव का ही दुष्परिणाम है, इसके निराकरण के लिए हमें तनाव को समाप्त करने की कला को सीखना होगा न कि उसे सङ्क्रमित करने की.
उन्होंने शारीरिक एवं मानसिक संरचनाओं का वर्णन कर उसमें विविध कारणों से उत्पन्न शरीरिक एवं मानसिक विकारों के उपचार हेतु प्रायोगिक योगाभ्यास एवं मनोवैज्ञानिक समाधनों का वर्णन किया. अन्त में महाशय ने कहा कि भारती विद्या एवं प्रज्ञा में हि सभी प्रकार समस्याओं का समाधान अन्तर्निहित है.
शोधार्थी सुखेन घोष के द्वारा वैदिक मङ्गलाचरण से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ. कार्यक्रम के संयोजक डॉ श्याम कुमार झा के द्वारा मुख्य वक्ता का स्वागत अङ्गवस्त्र, स्मृति चिह्न और पुष्प गुच्छ प्रदान करके विषय का उपस्थापन करते हुए स्वागत वक्तव्य दिया.
डॉ झा ने कहा कि यह व्याख्यान अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के मानसिक सुस्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगा जिससे उनके अध्ययन एवं शोधकार्य की गुणवत्ता का वर्धन होगा. अङ्ग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विमलेश कुमार सिंह ने भी स्वीय मन्तव्य अभिव्यक्त किया.
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अन्त में हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य वक्ता तथा कार्यक्रम में उपस्थित अध्यापकवृन्द एवं श्रोतावृन्द के प्रति आभार प्रकट किया. कार्यक्रम का सफल सञ्चालन शोधार्थी गोपाल कृष्ण मिश्र ने किया. व्याख्यानमाला में संस्कृत विभाग तथा अन्य विभागों के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे.