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Jharkhand News: रामकृष्ण मिशन आश्रम के दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र, मोराबादी में 25 अगस्त को एक विशेष किसान प्रशिक्षण एवं वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसे किसानों ने बेहद उत्साह से अपनाया. इस कार्यक्रम का आयोजन ICAR केन्द्रीय निम्बू वर्गीय फल अनुसंधान संस्थान, नागपुर (महाराष्ट्र) के सहयोग से किया गया.
कार्यक्रम के दौरान किसानों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देने के साथ-साथ 6250 कागजी निम्बू, 150 मौसम्बी, 100 संतरा पौधे तथा 250 बैटरी चालित स्प्रेयर का नि:शुल्क वितरण किया गया. यह वितरण 200 एसटी तथा 50 एससी किसानों के बीच किया गया. इसके साथ ही गेतालसुद स्थित केवीके फार्म में निम्बू वर्गीय फसलों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन (डेमो) भी कराया गया. इस अवसर पर कुल 298 किसान भागीदार बने.
दीप प्रज्ज्वलन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. आश्रम के सचिव स्वामी भवेशानन्दजी महाराज ने मुख्य अतिथियों का अंगवस्त्र और आश्रम उत्पाद भेंट कर स्वागत किया.
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ दिलीप घोष, निदेशक, केन्द्रीय निम्बू वर्गीय फल अनुसंधान संस्थान, नागपुर, डॉ देवदास टी मेशराम, प्रधान वैज्ञानिक, केन्द्रीय निम्बू वर्गीय फल अनुसंधान संस्थान, डॉ नरेश मेशराम, वरिष्ठ वैज्ञानिक, डॉ एसके पाल, एसोसिएट डीन, आरकेमवेरी और डॉ अजीत कुमार सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक उपस्थित थे.
किसानों के लिए नई उम्मीदें
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. दिलीप घोष ने कहा, “भारत को 2047 तक समृद्ध बनाने के लिए हमें कृषि और बागवानी में नई दिशा अपनानी होगी. समेकित कृषि प्रणाली और फसल विविधिकरण ही किसानों की प्रगति की कुंजी है.” उन्होंने विशेष रूप से बताया कि झारखंड में निम्बू वर्गीय फल उत्पादन की असीम संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें अपनाकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति बेहद सुदृढ़ कर सकते हैं.
डॉ घोष ने यह भी बताया कि बीते 11 वर्षों में सरकार ने किसानों के लिए 70 विभिन्न योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं. उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि देश ने पिछले वर्ष 360 मिलियन टन बागवानी फसलें (फल और सब्जियां) तथा 350 मिलियन टन अनाज-दाल का उत्पादन किया. इतना ही नहीं, भारत ने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए 55 मिलियन डॉलर का निर्यात किया और इस सूची में 8वें स्थान पर रहा.
प्राकृतिक खेती की ओर कदम
आश्रम के सचिव स्वामी भवेशानन्दजी महाराज ने किसानों से संबोधित होते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि अनगड़ा प्रखंड पहले से ही प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर है. साथ ही उन्होंने किसानों के बीच फल पौधों और बैटरी ऑपरेटेड स्प्रेयर के वितरण पर प्रसन्नता व्यक्त की.
तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
कार्यक्रम में किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया गया. डॉ देवदास टी मेशराम ने निम्बू, संतरा और मौसम्बी की आधुनिक उत्पादन तकनीक पर प्रशिक्षण दिया और किसानों के सवालों के सरल समाधान प्रस्तुत किए. वहीं, डॉ नरेश मेशराम ने निम्बू वर्गीय फलों पर होने वाले रोग और कीट नियंत्रण के उपाय विस्तार से बताए.
कार्यक्रम का स्वागत भाषण डॉ अजीत कुमार सिंह ने किया. मंच का संचालन डॉ राजेश कुमार ने संभाला और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापन डॉ रबिन्द्र कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया.
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इस अवसर पर डॉ मनोज कुमार सिंह, डॉ भरत महतो, डॉ नेहा राजन, डॉ विशाखा सिंह, प्रफुल्ल सीओ, ओपी शर्मा, प्रक्षेत्र सहायक तथा बड़ी संख्या में अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.
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