प्रसून दत्त सिंह, एमजीसीयूबी, मोतिहारी
ICSSR: महात्मा गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय (एमजीसीयू) के संस्कृत विभाग के आचार्य, प्रो प्रसून दत्त सिंह द्वारा प्रस्तावित शोध परियोजना को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) ने मेजर रिसर्च प्रोजेक्ट के रूप में स्वीकृति प्रदान की है.
प्रो सिंह विश्वविद्यालय के कुलानुशासक, गाँधी परिसर के निदेशक व मानविकी एवं भाषा संकाय के अधिष्ठाता भी हैं. उनकी शोध परियोजना “संस्कृतवाङ्गय में वर्णित भारतवर्ष के सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों के तत्कालीन एवं वर्तमान स्वरूपों की तुलनामूलक विवेचना” शीर्षक से स्वीकृत हुई है, जो भारतीय संस्कृति और परम्परा के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण योगदान देगी. इस शोध परियोजना के लिए कुल पंद्रह लाख दस हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है. परियोजना की स्वीकृत अवधि 24 महीने है.
यह शोध प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में वर्णित धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की ऐतिहासिक बनावट, उनकी वर्तमान स्थिति, और समय के साथ हुए परिवर्तनों का तुलनात्मक अध्ययन करेगा. भारतवर्ष की अर्थव्यवस्था में सुधार हेतु पर्यटन स्थलों के रूप में अभी तक महत्त्व को न प्राप्त हुए विविध स्थानों का जन के समक्ष प्रकाशित होना इस शोध परियोजना के प्राप्ति के रूप में माना जाएगा.
यह अध्ययन संस्कृतवाङ्गय में वर्णित भारतवर्ष के सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों की संपूर्ण सूची प्रदान करेगा. संस्कृतवाङ्गय में वर्णित भारतवर्ष के समस्त सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों के महत्त्व सरकारों तथा संपूर्ण विश्व के समक्ष उद्घाटित होने से भारतवर्ष के धर्म, संस्कृतियों तथा रीतियों से जन-जन परिचित होंगे.
साथ ही साथ उन स्थलों के संरक्षण के प्रति सजगता बढ़ेगी. केवल मनोरंजन तथा आनंद की प्राप्ति के लिए ही सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों का उपयोग न करके इन स्थलों के साथ जुड़े हुए शिक्षणीय विषय को भी शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक तथा आध्यात्मिक उन्नति के लिए अपने-अपने जीवन में प्रयोग करेंगे.
प्रोफेसर सिंह संस्कृत भाषा और साहित्य के प्रतिष्ठित विद्वान् हैं. उन्होंने बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से डी. लिट. एवं पी-एचडी की उपाधि प्राप्त की है। उनके साठ से अधिक शोध पत्र देश और विदेश की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। साथ ही, संस्कृत भाषा, भारतीय काव्यशास्त्र एवं भारतीय दर्शन पर उन्होंने लगभग बारह पुस्तकों का लेखन एवं प्रकाशन किया है। संस्कृत विभाग, मॉरीशस विश्वविद्यालय में वे विगत तीन वर्षों से विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं.
इससे पूर्व, उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा संपोषित तीन शोध परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण किया है. साथ ही, प्रो. सिंह ‘यूजीसी – केयर’ सूचीबद्ध पत्रिका दृष्टिकोण के संपादन कार्य में भी सक्रिय रूप से संलग्न हैं.
विगत कई वर्षों से प्रो. सिंह वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा की चयन समितियों में माननीय कुलाधिपति द्वारा नामित प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने पूर्व में एमजीसीयू के संस्कृत विभाग के प्रमुख के रूप में भी अपनी सेवाएं प्रदान की हैं. इसके अतिरिक्त, वे एमजीसीयू सहित कई अन्य विश्वविद्यालयों में भी विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं.
महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो संजय श्रीवास्तव ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है। शोध के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के शिक्षक व अध्ययनरत शोधार्थी नए कीर्तिमान स्थापितब कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि प्रो सिंह जैसे प्रतिभावान आचार्य विश्वविद्यालय के लिए पूंजी के समान हैं जो लगातार शिक्षण व शोध में अपनी योग्यता का लोहा मनवाते आ रहे हैं। उनका अनुभव विभाग, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए लाभप्रद साबित होगा.
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इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों और विभागों के अध्यक्ष, शिक्षकों एवं पदाधिकारियों ने प्रो. प्रसून दत्त सिंह को अपनी शुभकामनाएं दी.