MGCU: महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के मीडिया अध्ययन विभाग में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित दस दिवसीय शोध प्रविधि कार्यशाला का आज समापन हुआ. कार्यशाला के संरक्षक कुलपति प्रो संजय श्रीवास्तव थे.
समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो देवब्रत सिंह, डीन, स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन एंड मीडिया टेक्नोलॉजी, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड थे. अध्यक्षता विभागाध्यक्ष सह कार्यशाला निदेशक डॉ अंजनी कुमार झा एवं संचालन कार्यशाला उप निदेशक डॉ सुनील दीपक घोड़के ने किया.
पहले तकनीकी सत्र में समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सुजीत कुमार चौधरी ने सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में होने वाले नवाचार और वर्तमान परिदृश्य पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि, हाल के रुझान और नवाचारों में डेटा विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल मानविकी जैसे क्षेत्रों में वृद्धि देखी जा रही है साथ ही सामाजिक असमानता, जलवायु परिवर्तन और महामारी जैसे वैश्विक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.
मीडिया कॉन्टेंट का सामाजिक मनोविज्ञान पर गहरा प्रभाव है
दूसरे और तीसरे तकनीकी सत्र प्रो. देव व्रत सिंह ने कॉन्टेंट विश्लेषण की आवश्यकता और प्रक्रिया पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि मीडिया का हमेशा से ही समाज पर गहरा प्रभाव रहा है. आज के समय में मीडिया कॉन्टेंट व्यक्ति के मनोविज्ञान को आश्चर्यजनक रूप से प्रभावित कर रहा है. उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में शोध और नवाचार विषय पर विस्तृत वार्ता करते हुए वैदिक साहित्य, दर्शनशास्त्र और प्राचीन भारतीय विज्ञान से प्रेरित शोध पद्धतियों को प्रस्तुत किया.
विभागाध्यक्ष सह कार्यशाला निदेशक डॉ अंजनी कुमार झा ने सभी वक्ताओं तथा अतिथियों का अभिवादन व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया. उन्होंने कहा, यह कार्यशाला न केवल शोधार्थियों के तकनीकी कौशल को बढ़ाने के लिए थी बल्कि उन्हें नैतिक, सार्थक और प्रासंगिक शोध करने के लिए प्रेरित करने के लिए भी डिज़ाइन की गई थी.

कार्यशाला का संचालन विभाग में सहायक आचार्य और सह निदेशक डॉ सुनील दीपक घोड़के ने किया. समापन पर सभी शोधार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया. शोधार्थियों ने आयोजकों से भविष्य में भारतीय ज्ञान परंपरा पर केंद्रित संगोष्ठी एवं कार्यशाला आयोजित कराने का अनुरोध किया.
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कार्यशाला में विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ परमात्मा कुमार मिश्र, डॉ साकेत रमन, डॉ उमा यादव, डॉ मयंक भारद्वाज एवं डॉ युष आनंद सहित अन्य शोधार्थी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे.