Divyayan Krishi Vigyan Kendra : दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र, रांची में 23 से 28 सितम्बर के बीच आयोजित तकनीकी सप्ताह ने जिले के कृषकों के लिए नवीन कृषि तकनीकों और संसाधनों के द्वार खोल दिए. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषि व कृषकों के सतत विकास में कृषि विज्ञान केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका को सशक्त बनाना था.
कार्यक्रम का शुभारंभ एक दिवसीय प्रशिक्षण के साथ हुआ, जहां केवीके के प्रधान और वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने प्राकृतिक खेती के माध्यम से कृषि लागत में कमी और लाभ में वृद्धि के नए तरीकों पर जोर दिया. पौध संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार ने मधुमक्खी पालन और लाह की खेती के उन्नत तकनीकों की जानकारी देकर कृषकों को प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के लाभ बताए.
दूसरे दिन, डॉ. नेहा राजन ने कृषकों को फसल विविधिकरण, दलहन और तिलहन की खेती में प्रशिक्षित किया, साथ ही बहुफसली खेती और फसल चक्र की विशेषताएं समझाईं. तीसरे दिन, पशु वैज्ञानिक डॉ. भारत महतो ने घनबसैर गाँव के किसानों को बकरियों के पोषण प्रबंधन के महत्व से अवगत कराया.
चौथे दिन, महिला कृषकों के लिए डॉ. विशाखा सिंह ने मोटे अनाज के प्रसंस्करण और रागी लड्डू बनाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें मूल्य संवर्धन में सक्षम बनाया. अंतिम दिन, उद्यान वैज्ञानिक डॉ. रविन्द्र कुमार सिंह ने बुड़मू प्रखंड के गुतरू गाँव में प्राकृतिक खेती द्वारा सब्जी उत्पादन पर प्रशिक्षण दिया और कृषकों को उद्यान से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी.
इस तकनीकी सप्ताह में 185 कृषकों ने भाग लिया और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम में देश के 731 कृषि विज्ञान केंद्रों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की.