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MGCU, Motihari: महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के गांधी भवन परिसर में सोमवार को “छात्र मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम” का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के अध्यक्षता प्रोफेसर प्रसून दत्त सिंह ने की.
प्रो सिंह ने सभी छात्र- छात्राओं को मानसिक रूप में स्वस्थ ओर जीवन में सफलता पाने का मार्ग बताया. उन्होंने गीता के श्लोक “मा फलेषु कदाचन” का सन्दर्भ देते हुए फल की आशा न करने की बात की और सदा कर्म करने का निर्देश दिया.
कार्यक्रम में उपस्थित अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ बिमलेश कुमार सिंह ने छात्र – छात्राओं को मन को निर्मल रखने और ध्यान करने की सलाह दी.
कार्यक्रम के संयोजन एवं मुख्य वक्ता के रूप में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ श्याम कुमार झा ने छात्र-छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य पर प्रेरक एवं मार्गदर्शक विचार प्रस्तुत किए.
अपने वक्तव्य में डॉ. झा ने कहा कि,“मानसिक स्वास्थ्य छात्र जीवन का आधार है. स्वस्थ मन से ही विद्यार्थी अपनी क्षमताओं का सर्वोत्तम विकास कर सकते हैं.”
कार्यक्रम में मानविकी एवं भाषा संकाय के अनेक छात्र-छात्राएँ उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे. वक्ताओं ने मानसिक स्वास्थ्य एवं योगक्षेम के लिए सकारात्मक सोच, नियमित दिनचर्या, योग-प्राणायाम और परामर्श की महत्ता पर विशेष बल दिया.
संस्कृत विभाग के सहायक आचार्य डॉ बबलू पाल ने गीता के श्लोक “युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु” उदाहरण देते हुए मानसिक स्वास्थ्य के ऊपर अपनी बात कही.
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इस अवसर पर शिक्षकों ने छात्रों को जीवन की चुनौतियों से जूझने के सही मार्ग बताए तथा आत्मविश्वास व संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी.
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अपने सहपाठियों को भी इसके लिए जागरूक करेंगे.
कार्यक्रम के धन्यवाद ज्ञापन संस्कृत विभाग के सहायक आचार्य डॉ विश्वजित् बर्मन जी ने की और सञ्चालन संस्कृत विभाग के शोधच्छात्र अजय चन्द्र दास ने की.
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