महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के मीडिया अध्ययन विभाग द्वारा ‘विकसित भारत की संकल्पना और मीडिया की भूमिका’ विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी वृहस्पति सभागार, बुद्ध परिसर, बनकट में आयोजित हुई. संगोष्ठी के मुख्य संरक्षक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव थे. मुख्य वक्ता डॉ राकेश उपाध्याय ‘विभागाध्यक्ष- भाषा पत्रकारिता विभाग’ भारतीय जनसंचार विभाग, नई दिल्ली थे. स्वागत उद्बोधन एवं विषय प्रवर्तन डॉ अंजनी कुमार झा ने प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के संयोजक मीडिया अध्ययन विभाग के सहायक आचार्य डॉ परमात्मा कुमार मिश्र थे. बतौर मुख्य वक्ता डॉ राकेश उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान समय सूचना क्रांति है. आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक विकास में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.
विकसित भारत की संकल्पना में भारतीय मीडिया की भूमिका बढ़-चढ़ के होनी चाहिए. विकसित भारत की संकल्पना का लक्ष्य मौजूदा सरकार का 2047 है, जिसमें सभी प्रकार की वेदना से भारत के लोगो को मुक्त कराना है. हमारी प्रगति की निशानी हमारी बढ़ती अर्थव्यवस्था है.
विकसित भारत का लक्ष्य में सम्पूर्ण भारतवासियों की मौलिक जरूरत पूर्ण करना एक महत्वपूर्ण चुनौती है. हमने संरचना तो विकसित कर ली, पर क्या वह गुणवत्ता के पैमाने पर खरा उतर रही हैं? यह महत्वपूर्ण प्रश्न हैं. देखा जाएं तो देश के विकास में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. मीडिया सरकार के द्वारा चलाए जा रहें तमाम परियोजना व योजना कहां तक सफल हो रही है? इस चीज को प्रत्यक्ष रूप से समाज के समक्ष लाती हैं.
मीडिया की भूमिका इसमें भी है कि वह समाज के हित की बात करें। मीडिया को जमीनी हकीकत कार्य करने की जरूरत है, ताकि उसमें सत्यता और तथ्य का भरपूर समावेश हो.
डॉ उपाध्याय ने उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिस समाज में बेटे अपने माँ-बाप को घर से निकल दे रहे हैं, इसमें मीडिया की भूमिका यह है की वे समाज में इन सब चीजों को बंद करने लिए जागरूक करें. उन्होंने यह भी कहा की जितनी तेजी से डिजिटल आगे बढ़ रहा है, उतनी तेजी से साइबर क्राइम का खतरा भी बढ़ता जा रहा है.
स्वागत उद्बोधन में विभागाध्यक्ष डॉ अंजनी कुमार झा ने कहा कि सभी जगह केंद्र में मीडिया ही है. इसके बिना काम किसी का नहीं चलता, चाहें वह कार्यपालिका हो, न्यायपालिका हो या व्यवस्थापिका हो. इन सभी के धराशाई होने पर समाज मीडिया पर ही निर्भर होता है. अगर हम मीडिया मे बदलाव चाहते हैं तो उसके लिए हमें तैयार भी होना पड़ेगा। उसके लिए जरूरी है कि हम सभी अपने नैतिकता का पालन करें व मीडिया हाउस भी पूर्वाग्रह से मुक्त हो.
धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रीय संगोष्ठी संयोजक डॉ परमात्मा कुमार मिश्र ने कहा कि आज देश के विकास और संचालन में जिस सॉफ्ट पॉवर की बात हो रही है उसमें मीडिया अत्यंत महत्वपूर्ण है. इसके अभाव में विकास की बात करना बेमानी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए सभी देशवासियों के सकारात्मक ऊर्जा की जरूरत है विशेषकर युवाओं की.
राष्ट्रीय संगोष्ठी में मीडिया अध्ययन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ साकेत रमण एवं डॉ उमा यादव उपस्थित थे. मंच संचालन अपूर्वा त्रिवेदी बीजेएमसी पंचम सेमेस्टर एवं सूरज राज श्रीवास्तव बीजेएमसी तृतीय सेमेस्टर ने की. मुख्य वक्ता के वक्तव्य के उपरांत छात्रों ने कई प्रश्न किए जिसका समुचित उत्तर मुख्य वक्ता ने दिया.
कार्यक्रम में विशेष सहयोग तुषाल, प्रतीक, लकी, आदर्श व अंकित की थी. मंच की सजावट अंशिका, मुस्कान, रानी, खुशी, अदिति व प्रीति की थी. संगोष्ठी में मीडिया अध्ययन विभाग सहित विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों की सैकड़ों की संख्या में उपस्थिति थी.