Career in Journalism: महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के मीडिया अध्ययन विभाग द्वारा पत्रकारिता का बदलता स्वरूप: टीवी न्यूज़ पैकेजिंग विषयक कार्यशाला का आयोजन डीडीयू परिसर के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुई.
कार्यशाला के मुख्य संरक्षक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो संजय श्रीवास्तव थे. मुख्य वक्ता डॉ राकेश उपाध्याय, विभागाध्यक्ष -भाषा पत्रकारिता विभाग, भारतीय जनसंचार विभाग नई दिल्ली थे। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ अंजनी कुमार झा ने प्रस्तुत की।
कार्यशाला के संयोजक मीडिया अध्ययन विभाग के सहायक आचार्य डॉ परमात्मा कुमार मिश्र थे. धन्यवाद ज्ञापन सहायक आचार्य डॉ साकेत रमण ने प्रस्तुत की.
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बतौर मुख्य वक्ता डॉ राकेश उपाध्याय ने टेलीविजन न्यूज़ रूम के सभी आयामों के बारे में विस्तार से चर्चा की. उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जहां अवसर मिले हमें वही से करियर की शुरुआत करनी चाहिए.
उन्होंने रोचक ढंग से समझाया कि टीवी न्यूज़ चैनल काम कैसे करते हैं, जिसमें उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि टेलीविजन सॉफ्टवेयर ऑक्टोपस 8 फोंट पर एकसाथ चीजों को लेकर चलता है. इसमें रन डाउन ब्रॉडकास्ट कंट्रोल रूम, मास्टर कंट्रोल रूम तथा ब्रेकिंग प्लेट के बारे में विस्तार से चर्चा की.
उन्होंने टेलीविजन न्यूज रूम सेटअप और टेलीविजन न्यूज रूम सेटअप के इनपुट ओर आउटपुट डिस्क के बारें में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि इनपुट डेस्क केवल खबरों को एकत्रित कर आउटपुट डेस्क तक पहुँचाता है और टेलीविजन न्यूज चैनल पर क्या दिखाना है इसका निर्णय आउटपुट डेस्क करता है.
उन्होंने न्यूज़ चैनल पर प्रदर्शित वाले विभिन्न बिंदुओं के बारें में बताया कि ऊपर हेडर तथा नीचे लोअर होती है, जिस पर हेडलाइंस होते हैं. वहीं लोअर बैंड पर जो ब्रेकिंग न्यूज़ चलती है उसे टिकर कहते हैं.
उन्होंने आगे हेडलाइन प्रोड्यूसर के मुख्य कार्यों के बारें में बताते हुए कहा कि टेलीविजन एंकर्स रन डाउन प्रोड्यूसर के अनुदेशों पर कार्य करते हैं, साथ ही हेडलाइन प्रोड्यूसर आकर्षक हैडलाइंस का निर्माण करते हैं.
उन्होंने न्यूज़ बुलेटिनों के बारें में समझाते हुए बताया कि सभी न्यूज़ बुलेटिनों का समय अलग-अलग होता है. किस न्यूज बुलेटिन्स को कब आना है इसका समय निर्धारित होता है. पत्रकरिता के नीतिशास्त्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक पत्रकार का कार्य देश विदेश व समाज में हो रही सभी आवश्यक घटनाओं के बारें में जनता को निष्पक्षता के साथ सूचित करने की होती है.
विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए डॉ उपाध्याय ने कहा कि आप तकनीकी से जुड़े सभी पहलुओं के बारे में पक्की जानकारी लें और तेजी के साथ टाइपिंग करना भी सीखें जिससे पत्रकारिता पेशे में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा.
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अध्यक्षीय उद्बोधन में विभागाध्यक्ष डॉ अंजनी कुमार झा ने कहा कि एक अच्छा पत्रकार बनने के लिए सभी विद्यार्थियों में जोश व उत्साह और निडरता होनी आवश्यक है, जिससे वे सूचनाओं के बारे में निर्भीकतापूर्वक लिख और बोल सके. डॉ. झा ने कहा कि पत्रकारिता में अपने आप को अपडेट रखना बहुत जरूरी है. अध्ययन का विस्तार विशेष पत्रकार बनाता है. उन्होंने कहा कि आज सूचना क्रांति के युग में सत्य और तथ्यपूर्ण समाचार को देना भी एक चुनौती है, जिसे पत्रकारों को स्वीकार करनी चाहिए.
कार्यशाला संयोजक डॉ परमात्मा कुमार मिश्र ने कहा कि पत्रकारिता का स्वरूप बदल रहा है. बदलते हुए परिवेश के अनुरूप विद्यार्थियों को प्रिंट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की समस्त जानकारी होनी अत्यंत आवश्यक है, जिससे वे भविष्य में एक अच्छे पत्रकार बन सकें.
कार्यशाला में विभिन्न विद्यार्थियों ने अपने कई सारे प्रश्न पूछे जिनका समुचित उत्तर मुख्य वक्ता डॉ राकेश उपाध्याय ने दिया. धन्यवाद ज्ञापन मीडिया अध्ययन विभाग के सहायक आचार्य डॉ साकेत रमण ने प्रस्तुत की.
मुख्य वक्ता का परिचय एमएजेएमसी तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी जनमेजय ने दी. कार्यक्रम में मीडिया अध्ययन विभाग के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों की उपस्थिति थी.
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